कोसी नदी में मिला एक महीने के हाथी के बच्चे का शव, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज।

रामनगर। रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले अपर कोसी बीट रिंगोड़ा क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब कोसी नदी में एक महीने के हाथी के बच्चे का शव तैरता हुआ मिला,सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए रामनगर लाया गया,प्रारंभिक जांच में हाथी के बच्चे के शरीर पर टाइगर के पंजों के निशान पाए गए हैं, जिससे वन विभाग टाइगर के हमले की आशंका जता रहा है, रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत पड़ने वाले अपर कोसी बीट रिंगोड़ा क्षेत्र में कोसी नदी में एक महीने के हाथी के बच्चे का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया।

स्थानीय लोगों द्वारा नदी में शव तैरते हुए देखे जाने के बाद इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई,सूचना मिलते ही रामनगर रेंज के रेंज अधिकारी शेखर तिवारी वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे, टीम ने नदी से हाथी के बच्चे के शव को बाहर निकाला और उसे जांच के लिए रामनगर लाया गया,रामनगर वन प्रभाग के एसडीओ अंकित बडोला ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को विभाग को सूचना मिली थी कि रिंगोड़ा क्षेत्र के अपर कोसी बीट में कोसी नदी में एक हाथी के बच्चे का शव तैर रहा है, सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया,उन्होंने बताया कि मृत हाथी के बच्चे की उम्र लगभग एक महीने के आसपास आंकी जा रही है,प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर टाइगर के पंजों के स्पष्ट घाव दिखाई दे रहे हैं, इससे संभावना जताई जा रही है कि टाइगर के हमले में हाथी के इस शिशु की मौत हुई होगी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार जंगल में कई बार टाइगर और हाथियों के बीच आमना-सामना हो जाता है। हालांकि हाथियों का झुंड आमतौर पर अपने बच्चों की सुरक्षा करता है, लेकिन किसी कारणवश यह बच्चा झुंड से अलग हो गया होगा और टाइगर का शिकार बन गया।फिलहाल हाथी के बच्चे के शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है, यह पोस्टमार्टम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर दुष्यंत शर्मा द्वारा किया जा रहा है, जिसमें वन विभाग की टीम भी मौजूद है,वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी,रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।


