किच्छा विधायक बेहड़ ने दरऊ पंचायत में हुई अनियमितताओं को लेकर लगाए गंभीर आरोप।

किच्छा। किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दरऊ ग्राम पंचायत में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि दरऊ की ग्राम प्रधान नाजिया बी जो कि 13 दिसम्बर 2025 से पौड़ी उत्तराखंड की जेल में बंद है ।

प्रेसवार्ता में विधायक बेहड़ ने साक्ष्य प्र्स्तुत्त कर जानकारी दी कि ग्राम प्रधान नाजिया बी को पूर्व में धोखाधड़ी के मामलों में पुलिस द्वारा कोटद्वार से गिरफ्तार कर पौड़ी जेल भेजा गया था बेहड़ ने बताया कि नाजिया बी के ऊपर 3 F.I.R दर्ज है | जिसमें F.I.R संख्या -0173 जिसमें धारा 406,420 में कोतवाली कोटद्वार में दर्ज है | इसी प्रकार F.I.R संख्या-0120 जिसमें धारा 420,467,468,471 भी कोतवाली कोटद्वार में दर्ज है तथा 2025 में F.I.R संख्या-0060 जिसमें धारा 2/3 गैंगस्टर ,में दर्ज है | जानकारी प्राप्त करने पर पता लगा कि नाजिया द्वारा कोटद्वार में लोगों के साथ प्रोपर्टी के नाम पर धोखाधड़ी जैसे मामलें दर्ज है | बेहड़ ने बताया कि नाजिया का पहला निकाह आसिफ निवासी अफजलगढ़ के साथ हुई थी कुछ समय बाद ही इन्होंहे दूसरा निकाह वसीम निवासी जिला बिजनौर से की उसके साथ रहते-रहते यह अपने पहले पति आसिफ से सम्पर्क में आई और फिर उसके बाद अपने पहले पति पर बलात्कार का मुकदमा लिखवाकर उसका उत्पीडन किया गया जो की कोर्ट द्वारा उक्त मुकदमे को खारिज कर दिया गया,नाजिया द्वारा एक पुलिस विभाग के एक कर्मचारी को भी ब्लेकमेल किया गया था | 2023 में नाजिया द्वारा दरऊ निवासी अब्दुल गफार खा के साथ तीसरा निकाह किया गया | बेहड़ द्वारा सबसे बड़ा अरौप लगाते हुए यह कहा गया कि जब प्रधान नाजिया 13-12-2025 से आज तक जेल में है तो उनके द्वारा ग्राम दरऊ में किये गए कार्यों के प्रस्ताव किसने भेजें उन प्रस्तावों में हस्ताक्षर किसने किये जबकि प्रधान द्वारा अपना प्रतिनिधि नहीं बनाया जा सकता है |बेहड़ ने बताया कि मेरे पास प्राप्त जानकारी के अनुसार 30 दिसम्बर से 24 फरवरी 2026 14 बिलों के नाम पर भुगतान किया गया जो निम्न प्रकार है 30 दिसंबर को 28,000,5 जनवरी को 10,500,7 जनवरी को 11,655,14 जनवरी को 1,53,537, 14 जनवरी को 1,86,641, 14 जनवरी को 1,72,483, 3 फरवरी को 88,129,3 फरवरी को 2,14,750, 3 फरवरी को 10,580, 17 फरवरी को 11,700 ,17 फरवरी को 7060, 24 फरवरी को 46,500, 24 फरवरी को 49,500, 24 फरवरी को 49500 की ट्रांजेक्शन की गई, जिनमें लगभग ₹10,39535 लाख से अधिक की धनराशि निकाली गई। विधायक ने कहा कि जब प्रधान जेल में थीं, तो उनकी डिजिटल सिग्नेचर को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक स्तर पर निरस्त किया जाना चाहिए था, ताकि किसी भी प्रकार का वित्तीय लेन-देन रोका जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्लॉक प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से डीएससी को निरस्त नहीं किया गया। विधायक ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। विधायक बेहड़ ने यह भी कहा कि नाजिया बी के खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से यह जांच कराने की मांग की कि ग्राम प्रधान के चुनाव के दौरान दायर शपथपत्र में इन मामलों का उल्लेख किया गया था या नहीं। बेहड़ ने कहा कि जेल में बंद होने के बावजूद उनकी डिजिटल सिग्नेचर (DSC) और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से सरकारी धन का लेन-देन किया गया इनके द्वारा DSC का दुरूपयोग किया गया इसपर तत्काल दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए,अंत में विधायक ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर इस प्रकरण में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिलाधिकारी (DM) कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना देने के लिए बाध्य होंगे।


