हर्षोउल्लास के साथ मना गणतन्त्र दिवस दिवस, प्रभारी मंत्री ने पुलिस लाइन में किया ध्वजारोहण।

रूद्रपुर। 77वॉ गणतन्त्र दिवस का मुख्य कार्यक्रम पुलिस लाईन में आयोजित हुआ। मा0 कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण तथा जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने बतौर मुख्य अतिथि पुलिस लाइन पहुॅचकर ध्वजारोहण किया व पुलिस परेड की सलामी ली। परेड में नागरिक पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, अग्निशमन, पीआरडी, एनसीसी के साथ ही विभिन्न विभाग की झाकियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

माननीय मंत्री जी ने कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए आज 77वें गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन उन अमर शहीदों को नमन करने का है, जिनके बलिदान से हमें यह स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र प्राप्त हुआ। आज का यह पावन दिन हमें उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है, जब 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। उन्होंने कहा कि यह दिन हमारे संविधान निर्माताओं के त्याग, दूरदृष्टि और अटूट विश्वास का प्रतीक है। हमारे संविधान ने हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे महान मूल्यों से जोड़ा है। यही मूल्य भारत की आत्मा हैं और इन्हीं के बल पर हमारा देश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि आज भारत हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रहा है-चाहे वह विकास, विज्ञान, तकनीक कृषि, रक्षा या खेल का क्षेत्र हो। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

माननीय मंत्री ने कहा कि मुझे गर्व है कि हमारा प्रदेश भी इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। सरकार आम जन के कल्याण, युवाओं के सशक्तिकरण, किसानों की उन्नति और महिलाओं के सम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आज के इस शुभ अवसर पर उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे संविधान के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें, राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखें और एक सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य संकल्प कृषि से समृद्धि है। वर्ष 2025-26 में हमने राज्य में मिलेट्स मिशन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। झंगोरा और मंडुआ जैसे हमारे पारंपरिक अनाजों को अब वैश्विक पहचान मिल रही है। जैविक खेती उत्तराखंड आज देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक लगभग 8.89 लाख किसान परिवारों को लाभार्थी के रूप में पंजीकृत किया गया है और योजना की विभिन्न किस्तों के माध्यम से किसानों को अब तक कुल लगभग 3,300 करोड से अधिक प्रत्यक्ष लाभ के रूप में उनके बैंक खातों में ट्रॉसफर किये जा चुके हैं। माननीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना योजना के अन्तर्गत राज्य में वर्ष 2022-23 से 2024-25 के दौरान किसानों को कुल लगभग 71.14 करोड की फसल बीमा दावा राशि का भुगतान किया गया है, जो प्राकृतिक आपदाओं से हुई फसल क्षति की प्रतिपूर्ति के रूप में सीधे लाभार्थियों के खाते में गयी।

इसके अतिरिक्त केवल वर्ष 2025 में ही 28,344 से अधिक किसानों को 62 करोड़ से अधिक की बीमा राशि सीधे हस्तान्तरित की गयी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान पर कृषि यन्त्र उपलब्ध कराये जा रहे हैं तथा परम्परागत कृषि विकास योजना के अन्तर्गत परम्परागत कृषि फसलों जैसे धान्य फसलें मण्डुवा, झंगोरा, चीणा के कलस्टर गठन, प्रशिक्षण एवं उत्पादों की मार्केटिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, किराया, परिवहन आदि हेतु वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में सेब उत्पादन को पुनर्जीवित एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा एप्पल मिशन संचालित किया जा रहा है, जिसकी अवधि 08 वर्ष 2023-24 से 2030-31 निर्धारित की गयी है। इस मिशन के अन्तर्गत लगभग 5000 हेक्टेयर क्षेत्रफल को उच्च घनत्व सेब बागानों के अन्तर्गत लाने का लक्ष्य है तथा 45000 से 50000 किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित करने की योजना है। इसमें राज सहायता 60 प्रतिशत तक प्रस्तावित है। श्री जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड कीवी नीति के अन्तर्गत राज्य के सीमित चयनित जिलों में कलस्टर दृष्टिकोण अपनाते हुए लगभग 3500 हेक्टेयर क्षेत्र में कीवी बागान विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लगभग 9000 किसानों को लाभ मिलने की परिकल्पना है। प्रति एकड लागत 12 लाख में राज सहायता 70 प्रतिशत तक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के श्विकसित भारतश् के सपने को साकार करने हेतु हमने उत्तराखंड के गांवों को सड़कों और डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ा है। गांवों में पलायन रोकने के लिए बुनियादी ढांचा मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा मनरेगा के स्थान पर ग्रामीण आजीविका और रोजगार संवर्द्धन के लिए विबीजी-रामजी विकसित भारत-ग्रामीण रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन कानून लाया गया, जिससे रोजगार गारंटी बढ़ी- अब हर ग्रामीण परिवार को वर्ष में 125 दिन तक सशर्त / वेतन रोजगार की गारंटी दी जाएगी, जो पहले के मनरेगा के 100 दिनों से 25 दिन अधिक है।माननीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में लखपति दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनकी वार्षिक आय 1 लाख रूपये से ऊपर ले जाने के उद्देश्य से चलाई जा रही एक प्रमुख पहल है। राज्य सरकार ने 1.25 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। नवंबर 2025 तक राज्य की लगभग 1.63 लाख महिलाएं पहले ही इस श्रेणी में आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत संचालित आयुष्मान भारत योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। इसके तहत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रू० तक का मुफ्त इलाज सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलता है। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना है। पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रू0 की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000 रू0 की तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।श्री जोशी ने कहा कि कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण भारत के हर घर में पाइप के माध्यम से श्हर घर जलश् पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को किफायती घर उपलब्ध कराना है। योजना के अन्तर्गत घर बनाने या खरीदने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है। 2026 के बजट में इस योजना के अगले चरण के तहत अतिरिक्त घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन का उद्देश्य भारत को जटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना है। यूपीआई, डिजिलॉकर और ई-संजीवनी जैसी सेवाओं ने आम आदमी के जीवन को आसान बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उद्देश्य बीपीएल परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना है योजना के माध्यम से स्वच्छ ईंधन प्रदान कर महिलाओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना और पर्यावरण प्रदूषण कम करना है।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि इसी प्रकार उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भी अनेक जनकल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही है जिनमें नंदा गौरा योजना राज्य की बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए है। योजना का प्रमुख उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना है। इसके तहत पात्र बालिकाओं को जन्म के समय और 12वीं पास करने पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। निशुल्क स्वास्थ्य जाँच योजना राज्य सरकार के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनवरी 2026 में सक्रिय रूप से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत नागरिकों को 266 प्रकार के स्वास्थ्य टेस्ट मुफ्त में उपलब्ध कराए जाते हैं। एजा बोई शगुन योजना- यह योजना गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को समर्पित है। प्रसव के बाद माता को 2,000 रू0 की प्रोत्साहन राशि और पोषण संबंधी सहायता दी जाती है। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना यह केंद्र की आयुष्मान भारत योजना का राज्य विस्तारित रूप है। राज्य के सभी परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रू० तक का कैशलेस इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलता है। श्री जोशी ने कहा की दिव्यांग पेंशन योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांग व्यक्तियों को ₹1500 प्रति माह की पेंशन प्रदान की जाती है। किसान पेंशन योजना के माध्यम से बुजुर्ग किसानों को ₹1200 माह की आर्थिक सहायता दी जाती है एवं वृद्धावस्था और विधवा पेंशन वरिष्ठ नागरिकों और निराश्रित महिलाओं को नियमित मासिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना का उद्देश्य गर्भवती और धात्री (स्तनपान कराने वाली) महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। लाभार्थी महिलाओं को स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए पोषक खाद्य पदार्थ और किट प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अगस्त 2025 में शुरू की गई आदर्श संस्कृत ग्राम योजना एक अनूठी पहल है। इसका उद्देश्य संस्कृत को जन-भाषा बनाना है। इसकी शुरुआत देहरादून के भोगपुर से हुई है, जहां प्रत्येक जनपद में एक आदर्श संस्कृत ग्राम विकसित किया जाएगा इसी क्रम में उत्तराखंड मेगा औद्योगिक एवं निवेश नीति 2025 का उद्देश्य राज्य में बड़े निवेश को आकर्षित करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। माननीय मंत्री ने कहा कि चार धाम परियोजना के अंतर्गत केंद्र और राज्य के योग से 9,474 करोड़ रू० की लागत से 889 किमी लंबे राजमार्ग का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यात्रा सुगम और तेज होगी। यात्रा मार्ग पर 10 नए शेल्टर बनाए गए हैं, ताकि खराब मौसम या कठिन मार्ग पर श्रद्धालुओं को सुरक्षा और आराम मिल सके। यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीपीएस आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम, ड्रोन और 24 घंटे निगरानी नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है। सरकार ने पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ष्शीतकालीन चारधाम यात्राष् को भी सक्रिय किया है। इसका उद्देश्य सर्दियों में जब मुख्य कपाट बंद होते हैं, तो देवताओं के शीतकालीन प्रवास स्थलों (जैसे मुखबा, खरसाली, उखीमठ और पांडुकेश्वर) में पूजा-अर्चना को तीर्थाटन का हिस्सा बनाना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि में पांच गुना वृद्धि की है-अनुग्रह राशि में वृद्धिः मा० मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया है।

माननीय मंत्री ने कहा किमाननीय मुख्यमंत्री ने सेना के विभिन्न वीरता पुरस्कारों से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली राशि में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की गई है। परमवीर चक्र विजेताओं के लिए अनुग्रह राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कीर्ति चक्र से सम्मानित सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 35 लाख रुपये कर दिया गया है जो पहले यह राशि 20 लाख रुपये थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी निर्णय से शहीद के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में लेने की व्यवस्था है, जिसके लिए आवेदन की समय-सीमा 2 वर्षो से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। इस अवसर पर माननीय मंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व उनके परिजनो को पौधा देकर सम्मानित किया। साथ ही पुलिस अधीक्षक स्वप्न किशोर सिंह सहित 2़6 पुलिस कर्मियों को उत्कृष्ठ कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि, उद्यान, स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास, ग्राम्य, शिक्षा विभाग, आपदा विभाग, नगर निगम आदि द्वारा मनमोहक झांकी निकाली गई। इस दौरान सूचना विभाग के पंजीकृत दल तथा विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये गये। प्रभारी मंत्री श्री जोशी द्वारा झाकी में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वालो को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा, महापौर विकास शर्मा, दर्जा राज्य मंत्री उत्तम दत्ता, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, विवेक सक्सेना, अमित नारंग, जिला जज सिकंद कुमार त्यागी,जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, वीसी जिला विकास प्राधिकरण जय किशन, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, अपर पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर, डॉ0 उत्तम सिंह नेगी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 केके अग्रवाल, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, उप जिलाधिकारी मनीष बिष्ट, गौरव पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी सुशील मोहन डोभाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी केएस रावत, जिला युवा कल्याण अधिकारी बीएस रावत, तहसीलदार दिनेश कुटौला, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी उमा शंकर नेगी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरूद्ध, जिला प्रोवेशन अधिकारी व्योमा जैन आदि उपस्थित थे।


