दिल्ली स्थित अवप्रवाह फाउंडेशन के सहयोग से उधम सिंह नगर पुलिस के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन की रोकथाम एवं लैंगिक संवेदनशीलता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित।

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) एवं लैंगिक संवेदनशीलता विषय पर प्रशिक्षण कायक्रम का आयोजन आज 03 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन, रुद्रपुर में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उधम सिंह नगर पुलिस के सहयोग से दिल्ली स्थित अवप्रवाह फाउंडेशन द्वारा किया गया।

फाउंडेशन काक्षेत्रीय कार्यालय रुद्रपुर में भी स्थित है, जिसके माध्यम से संस्था उत्तराखंड में विभिन्न सामाजिक एवं जनजागरूकता गतिविधियों को आगे बढाने के लिए कार्य कर रही है।कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल पर महिलाओं की सरक्षा, सम्मान, गरिमा एवं लैंगिक संवेदनशीलता के साथ-साथ कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना था।प्रशिक्षण सत्र सुश्री मानसी भूषण, अधिवक्ता, सर्वोच्च न्यायालय एवं दिल्ली उच्च न्यायालय द्वार ‘संचालित किया गया।

उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा कर्मचारियों के अधिकारों एवं दायित्ों से जुड़़े महत्वपूर्ण कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दीकार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री अजय गणपति, भारतीय पुलिस सेवा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उधम सिंह नगर का मार्गदर्शन, सहयोग एवं ्रोस्साहन महत्वपूर्ण रहा।

अवप्रवाह फाउंडेशन की ओर से उनके सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गयाकार्यक्रम के आयोजन मेंश्रीएम. पी. तिवारी, चेयरमैन, अवप्रवाह फाउंडेशन एवं वरिष्ठट अधिवक्ता, रुद्रपुर जिला न्यायालय, का मर्गदर्शन एवं सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। वहीं अधिवक्ता गिरीश चतुर्वेदी रुद्रपुर जिला न्यायालय, ने कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाईइस अवसर पर श्री अवनीश शर्मा, संस्थापक एवं निदेशक, अवप्रवाह फाउंडेशन, ने कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के सफल संचालन में फाउंडेशन की कार्यक्रम आयोजन एवं विधिक टीम, जिसमें अधिवक्ता प्रत्यक्ष राज सिंह, विधिक सलाहकार तथा अधिवक्ता सुमित कसाना, विधिक टीम के सदस्य शामिल हैं, का भी महत्वपूर्ण योगदान रहाकार्यक्रम का प्रभाव एवं उपलब्धिप्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन की रोकथाम शिकायत निवारण प्रक्रिया, महिला कर्मचारियों के अधिकारों, कर्तव्यों तथा लैंगिक संवेदनशीलता से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी की और कार्यस्थल को अधिक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संवेदनशील बनाने के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों में अपने अधिकारों एवं दायित्वों तथा कार्यस्थल पर अनुचित व्यवहार की रोकथाम को लेकर जागरूकता को बढ़ावा मिला। यह पहल प्लिस विभाग में सम्मानजनक, सरक्षित, संवेदनशील एवं समावेशी कार्य संस्कति को मजब्रत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।
पुलिस विभाग के लिए निःशुल्क प्रशिक्षणअवप्रवाह फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक श्री अवनीश शर्मा ने बताया कि फाउंडेशन पलिस अधिकारियों, पुलिसकर्मियों एवं प्रशिक्षुपुलिसकर्मियों के बीच कार्यसथल पर यौन उत्पीडन की रोकथाम अधिनियम और लैंगिक संवेदनशीलता को लेकर लगातार जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है। फाउंडेशन द्वारा दिल्ली पुलिस के पुलिसकर्मियों एवं प्रशिक्ष पुलिसकर्मियों के लिए भी समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जाती रही हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ भी इस दिशा में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैंश्री अवनीश शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए ये प्रशिक्षण कार्यक्रम अवप्रवाह फाउंडेशन द्वारा निःशुल्क आयोजित किए जातेहं, ताकि अधिक से अधिक पुलिसकर्मियों को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, कानूनी अधिकारों एवं दायित्वों तथा सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण के प्रति जागरूक किया जा सके।उद्योगों, कंपनियों एवं शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता की आवश्यकताश्री अवनीश शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। रुद्रपुर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र है, इसलिए यहां के उद्योगों, कंपनियों एवं अन्य संस्थानों में कर्मचारियों को कार्यसथल पर यौन उत्पीडन की रोकथाम अधिनियम एवं लैंगिक संवेदनशीलता के संबंध मे नियमित जागरूकता एवं प्रशिक्षण दिया जाना महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि इसी प्रकार विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं एवं किशोरियों को उनकी सुरक्षा, अधिकारों तथा अच्छे और बुरे स्पर्श सहित आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी देना भी जरूरी है। ऐसे मामलों में Pocso अधिनियम अर्थात बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम तथा बाल सुरक्षा ‘से जूड़े प्रावधानों के बारे में बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को जागरूक करना महत्वपूर्ण है।अवप्रवाह फाउंडेशन का उद्देश्य आवश्यकता के अनुसार कार्यस्थलों पर POSH तथा विद्यालयों एवं बाल संरक्षण से जुड़े संस्थानों में Pocso एवं बाल सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ‘महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण को बढ़ावा देना है।श्री अवनीश शर्मा ने कहा कि जो कंपनियां, संस्थान अथवा शैक्षणिक संगठन अपने यहां कार्यस्थल पर यौन उत्पीडन की रोकथाम, लैंगिक संवेदनशीलता, P0cS0 अथवा बाल सुरक्षा से संबंधित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराना चाहते हैं, अवप्रवाह फाउंडेशन से संपर्क कर सकते हैं।अवप्रवाह फाउंडेशन ने कहा कि भविष्य में भी पुलिस विभाग के साथ-साथ विभिन्न सरकारी, निजी औद्योगिक एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से ऐसे जागरूकता एवं क्षमता-वर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
