फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पीलीभीत के भाजपा नेता एवं नगर पंचायत बरखेड़ा के चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल समेत चार लोगों को हिरासत में।
बाजपुर। फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले कथित हाईटेक गिरोह का प्रशासन ने भंडाफोड़ किया है। एडीएम पंकज उपाध्याय और एसडीएम ऋचा सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान पीलीभीत के भाजपा नेता एवं नगर पंचायत बरखेड़ा के चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल समेत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है प्रशासनिक टीम ने पूरे मामले की गहनता से जांच की और हिरासत में लिए गए लोगों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। मामले में देर रात तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनपद उधम सिंह नगर के बाजपुर में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के कथित नेटवर्क का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।मामले की सूचना पर एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम ऋचा सिंह, तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान समेत राजस्व टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक कार्रवाई में पीलीभीत के भाजपा नेता एवं नगर पंचायत बरखेड़ा के चेयरमैन श्याम बिहारी भोजवाल, एक महिला और दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रशासन के मुताबिक कथित गिरोह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्थायी निवास और जाति प्रमाण पत्र तैयार करवाता था। इन प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कथित तौर पर NEET जैसे प्रवेश परीक्षाओं में दाखिले के लिए किए जाने की बात सामने आई है। जांच के दौरान कई दस्तावेज देखने में सही पाए गए, लेकिन जब प्रशासनिक टीम ने संबंधित स्थानों पर जाकर सत्यापन किया तो दस्तावेजों में दर्ज लोगों के निवास के वास्तविक साक्ष्य नहीं मिले।
जांच टीम को गुमराह करने के लिए कथित तौर पर एक खास तरीका अपनाया जाता था।अधिकारियों के मुताबिक जब लेखपाल या प्रशासनिक अधिकारी सत्यापन के लिए मौके पर पहुंचते थे, तो वहां पहले से कुछ लोगों को खड़ा कर दिया जाता था। ये लोग अधिकारियों के सामने संबंधित व्यक्तियों के वहीं रहने की बात कहते थे।
एडीएम पंकज उपाध्याय के मुताबिक अभी 19 अन्य प्रमाण पत्रों की जांच की जानी बाकी है। वहीं प्रशासनिक जांच में बाजपुर के एक अधिवक्ता की भूमिका भी संदिग्ध बताए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
